लखनऊ: उत्तर प्रदेश का आगामी बजट इस बार लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का होने की संभावना है. 11 फरवरी को विधानसभा में पेश होने वाला यह बजट 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए होगा. पिछले साल के बजट से करीब एक लाख करोड़ रुपये ज्यादा होने से यह प्रदेश के इतिहास में सबसे बड़ा बजट साबित हो सकता है.
2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने इसे जनकल्याण और विकास का मजबूत पैकेज बनाने की तैयारी में जुटी है. बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होकर 19 या 20 फरवरी तक चलेगा. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद 11 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा, फिर बजट पर चर्चा होगी. अगले दिन दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी.
योगी सरकार ने अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन जैसे पवित्र स्थलों को आस्था और अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है. ये शहर अब सिर्फ धार्मिक महत्व के नहीं, बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय व्यापार के बड़े इंजन बन चुके हैं. राम मंदिर के बाद अयोध्या में निवेश और पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया है.
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और प्रयागराज के महाकुंभ ने भी इन शहरों की छवि बदली है. मथुरा-वृंदावन में कृष्ण जन्मभूमि और बांके बिहारी मंदिर जैसे स्थल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं. बजट में इन शहरों के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स की भी घोषणा होने की भी उम्मीद है. सड़कें, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रेल कनेक्टिविटी, होटल, धर्मशालाएं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी खर्च होगा. इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प, होमस्टे, गाइड ट्रेनिंग और डिजिटल प्रमोशन पर भी फोकस रहेगा. इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
उदाहरण के तौर पर अयोध्या में राम मंदिर के आसपास का क्षेत्र अब आधुनिक शहर की तरह विकसित हो रहा है. यहां नए एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और सड़कें बन चुकी हैं. इसी तरह वाराणसी में गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाएं बढ़ी हैं. प्रयागराज में संगम क्षेत्र को और बेहतर बनाने के लिए योजनाएं चल रही हैं. मथुरा-वृंदावन में भी पार्किंग, यातायात और पर्यटक सुविधाओं पर काम तेज होगा. बजट में इनके लिए अलग से विशेष पैकेज या कोष का ऐलान हो सकता है.
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि युवाओं के लिए रोजगार, 1 ट्रिलियन इकोनामी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, जिसमें एक्सप्रेसवे और पुल शामिल हैं. महिलाओं से जुड़ी स्कीम, ग़रीबी उन्मूलन, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा, मेट्रो रेल सेवा, रैपिड रेल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, पुल, सड़क, रोडवेज और ख़ासतौर पर नागरिक सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह बजट उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनामी की ओर ले जाने वाला साबित होगा. उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सर्वाधिक विकास के लिए बजट को अधिक से अधिक प्रावधान वाला बनाएगी.
