अयोध्या: राम मंदिर आंदोलन के रीढ़ कहे जाने वाले भाजपा के पूर्व राज्य सभा सांसद विनय कटियार को ही राम मंदिर में दर्शन के लिए प्रशासन से सिफारिश करनी पड़ी. इसके बाद उनके काफिले की एक गाड़ी को इंट्री दी गई. हालांकि जानकारी मिलते ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और व्यवस्था प्रभारी गोपाल जी राव परिसर पहुंचकर मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में भी भ्रमण कराया.
सिर्फ एक वाहन को दिया प्रवेशः बता दें कि राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए चले आंदोलन में विनय कटियार शुरू से ही जुड़े रहे. कटियार ने 1990 और 1992 में राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी. जिसकी बदौलत भव्य मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है. ऐसे में मकर संक्रांति के मौके पर विनय कटियार राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इस दौरान राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश के लिए जगद्गुरु आदि शंकराचार्य द्वार सुरक्षाकर्मियों ने विनय कटियार के वाहन को रोक दिया. लगभग 20 मिनट तक सुरक्षा कर्मियों के साथ चले विवाद के बाद कटियार ने जिला प्रशासन से बात कर जानकारी दी. इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विनय कटियार के काफिले के एक वाहन को ही प्रवेश दिया. इस दौरान काफिले में शामिल वाहन और उसमें सवार समर्थकों को बाहर रहना पड़ा.
