बीजेपी प्रवक्ता संजय चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आयोग-निगम और बोर्ड्स में खाली पदों को भरा जाएगा.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में निगम बोर्ड और आयोग के करीब 10 हजार पद खाली हैं. उनको लेकर बहुत जल्द ही भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश नामों की सूची फाइनल करके सरकार को भेजेगी और मार्च तक इनकी नियुक्ति की जाएगी. पार्टी में नेता जद्दोजहद में लगे हुए.
रिक्त पद भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी: उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के बाद योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. खरमास समाप्त होने के बाद जल्द ही कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. बीजेपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार के साथ ही वर्षों से खाली पड़े विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी.
समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी: इन पदों पर भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को समायोजित किया जाएगा. भाजपा प्रवक्ता संजय चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आयोग-निगम-बोर्डों में खाली पदों को भर जाएगा. इन पदों की संख्या हजारों में है, जहां पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी.
जनवरी के तीसरे सप्ताह में कैबिनेट विस्तार संभव: प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के साथ ही और तेज हो गई है. माना जा रहा है कि 14 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बाद जनवरी के तीसरे सप्ताह तक मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. इस बीच, विभिन्न आयोगों और बोर्डों में रिक्त पदों को भरने की तैयारी जोरों पर है. राज्य में करीब 12 प्रमुख आयोग और बोर्ड ऐसे हैं जहां अध्यक्ष, सदस्य और अन्य पदाधिकारियों के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं.

