यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम 5,000 ही लिया जाएगा। यह छूट अब तक केवल कृष्य एवं आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। योगी कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से 3,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।
केस-टू-केस आधार पर मिलेगा प्रोत्साहन
सुरेश खन्ना ने बैठक के बाद बताया कि अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर का निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसी क्रम में भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को इस उभरते उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने के लिए सरकार ने केस-टू-केस आधार पर प्रोत्साहन देने की स्वीकृति दी है। इसके तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम 2,000 प्रतिमाह), जल मूल्य में छूट और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट 2 रूपये बिजली बिल में छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करना है।
उत्तर प्रदेश बनेगा वैश्विक सर्विस का केंद्र, जीसीसी नीति को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 की नियमावली को मंजूरी दे दी गई। इस नियमावली के लागू होने से प्रदेश को वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में नई गति मिलेगी। कैबिनेट से अनुमोदित नियमावली के अंतर्गत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह नियमावली जीसीसी नीति-2024 के प्रख्यापन की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। जो राज्य सरकार द्वारा संशोधन अथवा समाप्त किए जाने तक लागू रहेगी।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है, जिसके चलते निवेश करने के लिए उद्योग घराने और मल्टीनेशनल कंपनियां संपर्क में हैं। इसके लिए जीसीसी नीति बहुत लाभप्रद है और आज इसकी एसओपी लेकर आए हैं।
उन्होंने बताया कि यूपी में जीसीसी के निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है। इस वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने इसमें निवेश किया है। इसके माध्यम से प्रदेश में व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नियमावली के अनुसार, जीसीसी किसी भारतीय अथवा विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई होगी, जो सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और नॉलेज सर्विसेज के रास्ते खोलेगी।
इस नियमावली में जीसीसी इकाइयों को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार के वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इनमें फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट अथवा प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, संचालन व्यय (ओपेक्स) सब्सिडी, पेरोल और भर्ती सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति, प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं नवाचार प्रोत्साहन के साथ-साथ केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं। वित्तीय लाभ के अतिरिक्त, जीसीसी इकाइयों को तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट, विनियामक सहायता, आवेदन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण, अनुमोदन एवं प्रोत्साहन वितरण की सुव्यवस्थित प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई जाएगी।
फर्जी डिग्री देने पर जेएस विवि की मान्यता रद्द
बैक डेट में बीपीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश देकर फर्जी अंकतालिका व डिग्री जारी करने, अभियुक्तों के साथ संगठित अपराध के रूप में काम करने पर जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद, फिरोजाबाद की मान्यता प्रदेश सरकार ने रद्द करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने मंगलवार को इससे जुड़े उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दी।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि विभाग की जांच में यह सामने आया कि विश्वविद्यालय द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए बीपीएड पाठ्यक्रम की फर्जी और बैक डेट में मार्कशीट व डिग्रियां जारी की गईं। इनका प्रयोग राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किया गया। इस प्रकरण में राजस्थान पुलिस की जांच व शासन स्तर पर गठित जांच समितियों की आख्या में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं हैं। वहीं इस मामले में कुलाधिपति व कुलसचिव की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मंत्री ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया गया है। इसमें डिग्री देने की शक्ति के दुरुपयोग, संगठित अपराध के रूप में फर्जी अंकतालिकाओं व डिग्रियों का वितरण, आवश्यक भूमि मानक का पालन न करना तथा उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य विवरण उपलब्ध न कराना भी शामिल है। इन सभी तथ्यों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद, फिरोजाबाद की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे। उन्हीं अभिलेखों के आधार पर पूर्व में जारी मार्कशीट व डिग्रियों का प्रमाणीकरण किया जाएगा। साथ ही मान्यता रद्द होने की अवधि के दौरान विश्वविद्यालय की गतिविधियों के संचालन हेतु धारा 55 (6) के तहत तीन सदस्यीय अंतरिम समिति गठित करने का भी विभाग ने निर्णय लिया है।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए ध्वस्त होंगे जर्जर भवन
वाराणसी में बनने वाले 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए श्री शिव प्रसाद गुप्ता मंडलीय जिला चिकित्सालय परिसर में पहले से मौजूद 11 जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
वाराणसी में 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बन रहा है। यह अस्पताल 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनेगा। इसका निर्माण कार्य चार वर्षों में पूरा होगा। यह परियोजना 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार (लगभग 189 करोड़ रुपये) और 40 प्रतिशत राज्य सरकार (लगभग 126 करोड़ रुपये) से पूरी होगी। इस अस्पताल के बनने से वाराणसी ही नहीं पूर्वांचल के सभी जिलों के मरीजों को अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। इस अस्पताल के निर्माण के लिए श्री शिव प्रसाद गुप्ता मंडलीय अस्पताल परिसर में लंबे समय से जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त करके उस जगह को खाली किया जाएगा। फिर उस स्थान पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा।
