जल शक्ति मंत्री के खिलाफ अब बीजेपी के पूर्व विधायक भी मैदान में उतरे, कहा- खुदी सड़कें नहीं बनीं

महोबा। महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोके जाने के बाद बीजेपी के पूर्व MLA आनंद शुक्ला ने सोशल मीडिया के जरिए जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सामने लाने की अपील की है.
महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोके जाने के बाद बीजेपी के पूर्व MLA आनंद शुक्ला ने सोशल मीडिया के जरिए जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सामने लाने की अपील की है.
महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोके जाने के बाद बीजेपी के पूर्व MLA आनंद शुक्ला ने सोशल मीडिया के जरिए जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत सामने लाने की अपील की है.

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में बीजेपी में आपसी मतभेद की स्थिति बनी हुई है. पार्टी के विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच सड़क पर रोके जाने के बाद विवाद और गहरा गया है. इस घटनाक्रम में बयानबाजी के बाद हलचल तेज है. अब बीजेपी के पूर्व विधायक आनंद शुक्ला भी खुलकर मंत्री के खिलाफ सामने आ गए हैं. यह मामला हाल ही में महोबा में घटित हुआ, जिसने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है.

महोबा की घटना से बढ़ी सियासी गर्मी

बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री का काफिला रोके जाने की घटना को पार्टी के अंदर अनुशासन और सरकार के कामकाज से जुड़ी नाराजगी के तौर पर देखा ही जा रहा था कि एक और बीजेपी नेता ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को लेकर एक पोस्ट कर दिया है. मामला जल जीवन मिशन से जुड़ी योजनाओं और जमीनी हकीकत को लेकर सामने आया है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है.

पूर्व विधायक आनंद शुक्ला का फेसबुक पोस्ट

बीजेपी के पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने महोबा जिले में सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि जिन गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा है या जल जीवन मिशन के तहत पाइप डालने से खुदी सड़कें नहीं बनी हैं, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा.

जनता से साक्ष्य साझा करने की अपील

आनंद शुक्ला ने मऊ-मानिकपुर और चित्रकूट विधानसभा क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि यदि उनके गांव या मजरे में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है या सड़कें अधूरी पड़ी हैं, तो वे वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में साझा करें. उन्होंने स्पष्ट कहा कि गांव और मजरे के नाम के साथ ये साक्ष्य पोस्ट किए जाएं, ताकि मंत्री को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके और पानी पहुंचाने या सड़कों के पुनर्निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.

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