यूपी में 48,000 कर्मचारियों पर सरकार का एक्शन, जनवरी का वेतन रोका

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए सख्त कदम उठाया है. मुख्य सचिव एसपी गोयल के आदेश पर मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण नहीं देने वाले 48000 कर्मचारियों का जनवरी 2026 का वेतन रोक दिया गया है. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है.

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी ने संपत्ति का विवरण नहीं दिया और उसका वेतन निकल गया तो उसकी जिम्मेदारी वेतन आहरण अधिकारी पर होगी. उनके खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई की जाएगी.

मानव संपदा पोर्टल खुलने पर ही मिलेगा वेतन : मुख्य सचिव की ओर से स्पष्ट किया गया कि अब तक 68000 का आंकड़ा आ रहा है वह ठीक नहीं है. लगभग 48000 कर्मचारियों ने संपत्ति का विवरण नहीं भरा है और उनका वेतन रोक दिया गया है. उनका वेतन अब जब मानव संपदा पोर्टल फिर से खुलेगी तब ही मिल सकेगा.

मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 के अनुसार, सभी राज्य कर्मचारियों को अपनी चल (जैसे गाड़ी, बैंक बैलेंस, जेवर) और अचल (जैसे जमीन, मकान) संपत्ति का पूरा ब्योरा हर साल मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है.

नवंबर 2025 में जारी हुआ था आदेश : शासन ने 24 नवंबर 2025 के आदेश से यह निर्देश दिया था कि 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित संपत्तियों का विवरण 31 जनवरी 2026 तक पोर्टल पर डालना होगा. 6 जनवरी 2026 के एक और आदेश में साफ कहा गया कि जो कर्मचारी समय पर विवरण नहीं देंगे, उनका जनवरी का वेतन फरवरी में नहीं दिया जाएगा. राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) के डेटा के अनुसार, 31 जनवरी 2026 तक कुल 47,816 कर्मचारियों ने पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं किया.

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