कुश्ती ने करवाया मंत्री- विधायक में दंगल

महोबा। विधानसभा चरखारी के अमानपुरा गांव में शुक्रवार को आयोजित कुश्ती के चलते प्रदेश के कद्दावर मंत्री और क्षेत्रीय विधायक में बीच सड़क पर दंगल हो गया। कुश्ती के पहलवान अपने दांव-पेच आजमाने के लिए अखाड़े में उतरते, उससे पहले ही इस कुश्ती को लेकर शहर की सड़कें ही राजनीति का अखाड़ा बन गईं।

कुश्ती प्रतियोगिता के उद्घाटन के लि सरपट दौड़ रहे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थकों के साथ रोककर सड़क पर राजनीति का ऐसा दंगल खेला कि पूरे प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया। अब मामले में आगामी फैसलों को लेकर प्रदेश नेतृत्व पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
आगामी दिनों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इसमें ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनने तक के ख्वाब देखने वाले नेता अपनी जगह बनाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं। कोई क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कराकर अपनी उम्मीदवारी दिखा रहा है तो कोई कुश्ती, दंगल के आयोजन में बड़े नेताओं को अतिथि के तौर पर बुलाकर अपना दबदबा और पहुंच दिखा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि जिला पंचायत की जैतपुर सीट से मंगरौलकलां के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राजपूत अपनी दावेदारी कर रहे हैं और काफी दिनों से क्षेत्र में सक्रिय हैं। अर्जुन सिंह राजपूत काफी पहले समय से दंगल आदि प्रतियोगिताओं में अतिथि के तौर पर दबदबे वाले नेता को उद्घाटन में बुलाते रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण को राजनीति विरासत में मिली है और उनकी प्रो-हिंदुत्व वाली छवि के चलते पहले से ही क्षेत्र में दबदबा है। सूत्र बताते हैं कि अमानपुरा में अर्जुन सिंह ने इस कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया और अतिथि के तौर पर उप्र सरकार में जलशक्ति मंत्रालय संभालने वाले कद्दावर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को आमंत्रित किया।
इस आयोजन में प्रोटोकाल का ध्यान नहीं रखा गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण राजपूत को उनकी विधानसभा क्षेत्र में आयोजन होने के बाद भी आमंत्रित नहीं किया गया। उधर, विधायक समर्थकों के साथ महोबा आ गए और अमानपुरा जाने से पहले मंत्री के काफिले को रोक लिया। उन्होंने क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों से लोगों के परेशान होने का मुद्दा उठाकर मंत्री को घेरने का प्रयास किया। सड़क पर चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पूरे प्रदेश की राजनीति में भूचाल की स्थिति देखने को मिली। जिला प्रशासन ने भी तत्काल ही बैठक करके डेमेज कंट्रोल का प्रयास किया।
वहीं दूसरी ओर तय समय से काफी देर बाद अमानपुरा पहुंचे जलशक्ति मंत्री ने कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन करके अपने दौरे की औपचारिकताओं को पूरा किया। जनचर्चा है कि स्थानीय राजनीति से अनभिज्ञ जलशक्ति मंत्री इस आयोजन के चलते राजनैतिक मोहरा बन गए। अब सभी की नजरें इस घटनाक्रम पर प्रदेश नेतृत्व की ओर से होने वाली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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