
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में यातायात के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने हाल ही में कोच्चि मेट्रो के विशेषज्ञों के साथ बैठक कर गोमती नदी में वाटर मेट्रो के संचालन की तकनीकी व्यवहारिकता रिपोर्ट पर चर्चा की। यह परियोजना मुख्यमंत्री के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का हिस्सा है, जो प्रदेश में जल परिवहन के साथ-साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
सरकार की योजना केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। गोमती में सफल परीक्षण के बाद इसे राज्य के अन्य प्रमुख जल निकायों में भी विस्तार दिया जाएगा, जिसमें मथुरा से यमुना नदी पर आगरा तक, गोरखपुर में रामगढ़ ताल, बलिया में सुरहा ताल और गंगा नदी में भी वाटर मेट्रो संचालन की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

