लखनऊ स्मारक घोटाले में 11 साल बाद कार्रवाई की तैयारी, घिरे एलडीए के दो पूर्व अफसर

कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस रिपोट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सहगल को तीन साल में 24 से 26 करोड़ रुपये तक की “कट मनी” मिली और इसके बावजूद उन्हें रिटायर्मेंट के बाद प्रसार भारती के शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया। पार्टी के मुताबकि आईइउत्तर प्रदेश में तीन दशकों से अधकि समय से सत्ता और प्रशासन के केंद्र में रहे 1988 बैच के रटिायर्ड आईएएस अधकिारी और पूर्व प्रसार भारती चेयरमैन नवनीत कुमार सहगल के कथति 112 करोड़ रुपये के कमीशन नेटवर्क को लेकर सूबे की नौकरशाही निशाने पर है।

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