गाय को ‘माता’ का दर्जा देने की मांग, रायबरेली में बोले शंकराचार्य

रायबरेली में गाय माता दर्जा देने की मांग को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार से बड़ा कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि गाय को सरकारी अभिलेखों में सामान्य पशुओं की सूची से हटाकर ‘माता’ का दर्जा दिया जाए, तो समाज में उसके प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना स्वतः बढ़ेगी।

रायबरेली प्रवास के दौरान शनिवार देर शाम गांधी नगर स्थित यश पांडे के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां बातचीत के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौसंरक्षण पर स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल एक पशु नहीं है, बल्कि आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। इसलिए सरकार को सबसे पहले आधिकारिक स्तर पर गाय माता दर्जा देने का निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्यों की संपत्ति सूची में गाय को अन्य पशुओं की तरह दर्ज किया जाता है। इसमें ऊंट, भैंस और अन्य जानवर भी शामिल होते हैं। जबकि भारतीय समाज में गाय का स्थान इनसे कहीं अधिक ऊंचा माना जाता है। ऐसे में प्रशासनिक अभिलेखों में भी उसकी पहचान उसी सम्मान के अनुरूप होनी चाहिए।

शंकराचार्य ने कहा कि समाज में व्यक्ति की पहचान से ही उसके प्रति व्यवहार तय होता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब किसी को विधायक, साधु या अपराधी के रूप में पहचान मिलती है, तो लोगों का रवैया उसी आधार पर बदल जाता है। इसी प्रकार यदि गाय की पहचान को भी औपचारिक रूप से ‘माता’ के रूप में स्वीकार किया जाए, तो समाज का दृष्टिकोण भी बदल जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को बचपन से ही यह शिक्षा दी जानी चाहिए कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि ‘गौमाता’ है। जब शिक्षा और संस्कार के माध्यम से यह भावना समाज में विकसित होगी, तब स्वाभाविक रूप से गाय के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना मजबूत होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *